सुबह उठकर करें यह उपाय, दिनभर मन रहेगा प्रसन्न

सुबह उठकर करें यह उपाय, दिनभर मन रहेगा प्रसन्न

याेग गुरु सुरक्षित गोस्वामी

मैं छोटी-छोटी परेशानियों में उलझा रहता हूं। ज्यादा खुश नहीं रह पाता। मैं क्या करूं? -विकास कुमार

यह खुशी कहीं बाहर से नहीं, बल्कि भीतर से ही आती है। छोटे-छोटे दुखों और परेशानियों को हम इतना बड़ा बना लेते हैं कि हमारी खुशी कहीं खो जाती है। हम चाहते हैं कि दूसरे हमें खुशी दें। पति चाहता है कि पत्नी उसे खुशी दे। पत्नी भी पति से खुशी चाहती है। हम सभी रिश्तों में खुशी के मोहताज हो जाते हैं। असल में एक दुखी कभी दूसरे दुखी को खुश नहीं कर सकता है। इसीलिए दूसरों से खुशी न चाहो, बल्कि पक्का करो कि मैं हमेशा खुश रहूंगा और दूसरों को भी खुश करूंगा। अपने घर को खुशी का केंद्र बना दें। जहां घर के सभी सदस्य एक-दूसरे को खुश करने के भाव से व्यवहार करें। हम अक्सर घर में ही सबसे ज्यादा उलझे रहते हैं। छोटी-सी परेशानी वाली बात को भी बड़ा बनाकर पूरे घर की खुशी कम कर देते हैं।

अगर हम खुश रहेंगे, तो छोटी-मोटी परेशानी का असर हमारे ऊपर नहीं होगा। जब हम चीजों को बड़ा और खुद को छोटा समझने लगते हैं, तब उन चीजों की वजह हम परेशान हो जाते हैं। गम में रहकर जिंदगी की खुशबू कहीं खो जाती है। इसीलिए खुशी को बहुमूल्य मानो और बाकी सभी चीजों को उसके सामने सस्ता। दिन भर वर्तमान में रहकर सभी कामों का आनंद लेते रहो। साथ ही संतोष भाव को बढ़ाते जाओ, क्योंकि संतोष से बड़ा कोई और सुख नहीं है। सुबह जब उठो, तब मन से बोलो कि तेरे पास दो ही विकल्प हैं कि तू आज दिन भर खुश रहना चाहता है या दुखी। साथ में इतना भी मन से कह देना कि भले तू दुखी रहे, लेकिन मैं आज खुश ही रहूंगा। जीवन मिला है खुश रहने के लिए। यहां बीतते हर पल का मजा लेना है, न जाने कौन-सा पल आखिरी हो जाए।


Share Tweet Send
0 Comments
Loading...